Transmission media/Medium क्या हैं और यह कितने प्रकार के होते हैं !

दोस्तों आज हम Transmission Medium ( संचरण माध्यम) के बारे में विस्तृत चर्चा करंगे और यह समझने और जानने का प्रयास करेंगे की Transmission Medium क्या हैं ! यह कितने प्रकारका होता हैं ! और आज के इस आधुनिक Digital युग में कितने प्रकार के Transmission Medium प्रचलित हैं ! Transmission medium को यदि हम सरल भाषा में समझने का प्रयास करे तो यह कह सकते हैं हैं की ऐसा कोई भी माद्यम (medium)जिसके द्वारा दो उपकरणों(Device) को आपसमे Connectivity दी गई हो और वो एक दूसरे के साथ अपने Resource या Data को आपस में Share कर सकते हो उसको Transmission medium कहा जाता हैं यह माद्यम कुछ भी होसकता हैं Wire less या Wire base ,Transmission medium को 2 भागो में विभाजित किया गया हैं ,Wireless और Wire-based

transmission medium

Wire-based Transmission media / Medium -(तारआधारित संचरण माध्यम )

Wire -Base Transmission Medium जैसा की नाम से ही स्पष्ट होता हैं की यह एक तार आधारित Connectivity हैं ,इनमे उन सभी Entity को रखा गया हैं जिसमे दो Device की Connectivity को Physically देखा जासकता हैं ! Touch किया जासकता हैं ! इसको मुख्य रूपसे 3 भागो में विभाजित किया गया हैं जो इस प्रकार हैं

Twisted Pair

Twisted pair एक ऐसी Wire होती हैं जिसमे दो Wire आपस में एक दूसरे को twisted (मुड़ी) किये हुए होती हैं ! यह Wire सामान्यत Landline Telephone या internet Connection Cable RJ45 में देखने को मिल जाती हैं ! Twisted Pair Cable को 2 भागो में विभाजित किया गया है ! , 1. Shielded Twisted pair और 2. Ushielded twisted Pair

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BitCoin क्या है ?, कहा से आया ,इसकी History किस प्रकार की है ! इसमें invest करना कितना फायदेमंद और नुकसान दायक है ?

दोस्तों आज के इस Article में हम Bitcoin के बारे में विस्तार (detail) से जानेंगे इस Article को पढ़ने के बाद आप जान पाएंगे की
1 Bitcoin कहा से आया और किसने बनाया ?
2 Virtual Currency क्या है ?
3 Bitcoin / Virtual Currency /Crypt0Currency का उपयोग कहाँ किया जाता है ?
4 Bitcoin Mining क्या होती है  ?
5 क्या Bitcoin को मान्यता प्राप्त है ?
6 Bitcoin में Investment करना फायदेमंद है या नुकसान दायक ?

Bitcoin कहा से आया और किसने बनाया ?

BitCoin का अविष्कार Computer Engineer सातोशी नकामोतो ने 2008 में किया था और 2009 में Bitcoin Generator Software को Open Source Software के रूप में इसको Publish कर दिया गया था! Bitcoin के अविष्कारक Satoshi Nakamoto एक Unknown Person का नाम है दुनिया में कोई नहीं जनता की यह कोई एक Person है या Group of  Programmer है ! BitCoin एक Virtual Currency है जिसको भौतिगी (Physically)Touch नहीं किया जासकता है सिर्फ़ इसको Computer या Bitcoin Wallet में एक Digit संख्या के रूप में देखा जासकता है  ! bitcoin wallet एक ऐसी Application होती है जिसमे हमारा bitcoin virtually show होता है ! bitcoin wallet को हम Paytm wallet की तरह समझ सकते है !  bitcoin के सबसे छोटे-भाग को इसके Crater के नाम सातोशी पर रखा गया है ! एक Bitcoin में 10 करोड़ सातोशी होते हैं। यानी 0.00000001 btc को एक सातोशी कहा जाता है ! और bitcoin की सबसे बड़ी एक खासियत यह है की इसकी संख्या निर्धारित है, पूरी दुनिया में सिर्फ 21 मिलियन यानि 21,000,000 bitcoin ही रहेंगे यानि सरल भाषा में हम कह सकते है की bitcoin की अर्थव्यवस्था only 21 मिलियन Bitcoin की ही है इसके बाद दुनिया में कोई Bitcoin नहीं बनेगा

what is bitcoin

BitCoin / Virtual Currency /Crypt0Currency का उपयोग कहाँ किया जाता है ?

Bitcoin दुनिया में  इकलौती cryptocurrency नहीं है इसके आवला भी world में लग-भग 600 से 700 तरह की Virtual Currency  है !परन्तु इनमे से जो कुछ ही  popular है और market के चलन में जो है वो 30-35 तरह की Currency ही है ! उनमे से सबसे ज्यादा मूल्य वाली Currency Bitcoin है ! Virtual Currency की अधिक जानकारी है लिए आप इस Link पर Click कर के Wikipedia से देख सकते है की वर्तमान में कितनी तरह की Virtual Currency popular है ! bitcoin एक ऐसी Currency है ! जो पूरी तरह किसी भी सरकार bank या संस्था से सम्बंधित नहीं  है यानि इसको कोई नियंत्रित नहीं कर सकता है ! और तो और विनिमय के समय इसमें लेनदार और देनदार दोनों की पहचान छिपी रहती है ! Bitcoin से भी Physical Currency की तरह Shopping, hotel booking , gold ,Software आदि खरीदा या बेचा जा सकता है !  Bitcoin से लेन-देन करने से सामने वाले Person की Identity Hide रहती है इस कारण इससे गैरकानूनी काम Drags ,Arm ,फिरौती ,जैसे लेन-देन भी Internet की दुनिया में काफी फल-फूल रहे है ! क्रिप्टोकररेन्सी या Bitcoin की कीमत बढ़ने का यही एक प्रमुक कारण है ! जैसे-जैसे internet की दुनिया में यह transaction बढ़ते है वैसे-वैसे इसकी कीमत बढ़ती जाती है ! Bitcoin एक ऐसी Currency है जो रातो-रात बहुध ज्यादा बढ़ और घट सकती है ! इसकी कीमत में 1 घंटे के भीतर अंतर् आता रहता है

Bitcoin Mining क्या होती है !

Bitcoin mining से आशय Bitcoin को Generate करना होता है ! असल में दोस्तों जब कोई दो व्यक्ति Bitcoin में transaction करता है तो उनका एक रजिस्टर या एक Index Maintain होता है  Automatic जो की पूरी दुनिया के सामने internet पर होता है ! की अमुक Bitcoin का transaction किस-किस Particular ID के बीच हुवा है ! और इस रजिस्टर या index को Generate करने का काम Bitcoin miningप्रक्रिया के दौरान Automatic होता जाता है ! यह index या रजिस्टर Bitcoin के Transaction को Verify करते है जिसकी एवज या बदले में उनको Bitcoin का कुछ हिंसा मिल जाता है इसी पुरे Process को Bitcoin Mining कहा जाता है ! हम इसको थोड़ा और सरल समझने का प्रयास करे तो कह सकते है ही जिस तरह से हम कोई भी Real money का Transaction करते है हमारे Debit ,Credit या online banking से तो उसके प्रति जिमेवार हमारा Bank होता है ! bank ही यह Verify करता है की receiver को money मिली है या नहीं और ऐसे में हमारे transaction में कोई भी विवाद की Condition होने पर Bank ही उस Case को Solve करता है और अपने pass सारे Record रखता है की किस खाता धारक द्वारा किसको पैसा लिया या दिया गया है और इन सब काम के बदले Bank हमसे कुछ Service charge लेता है ! जैसा की मेने आपको पहले सुरुवात में ही बताया है कि Bitcoin किसी के भी Control में नहीं है ! World में यह bitcoins miners ही होते है जो Bitcoin mining करके Transaction को Verify करते है और उनको बदले में Service Charge के रूप में Bitcoin का कुछ Part मिलजाता है ! अब यह Bitcoin miner इस काम को करते कैसे है यह समझते है ! असल में होता है यह है की जब कोई 2 bitcoin id कोई Bitcoin का transactionकर रही होती है तो  पुरे World में Bitcoin index या Register में Show होता है !और उस Transaction को Successful बनाने केलिए बहुध ही Complex Mathematics Calculation करनी होती है जिसके लिए एक super Processor Computer और एक Hardware की आवस्य्क्ता होती है जो जल्दी से जल्दी उस Complex Mathematics Calculation को solve करने की जरूरत होती है जो व्यक्ति जितना जल्दी उस Calculation को Solve करता है उतना जल्दी उसको Bitcoin का हिंसा मिलजाता है इसी पुरे Process को Bitcoin Mining कहा जाता है ! पर यह एक ध्यान देने योग्य बात यह है की कहि आप ऐसा नहीं सोच ले की Bitcoins को Generate करना इतना आसान है असल में यह एक बहुध की Expansive Process है क्यों की इसमें बहुध ही ज्यादा Power और energy बर्बाद होती है ! और बहुध सारी energy और Power use करने के बाद भी यह संभव नहीं है की आप ज्यादा Bitcoins generate कर पाए क्योकि हो सकता है की आप की Electricity का बिल जितने के आपने Bitcoins Generate किया उसका 3 से 4 गुना ज्यादा हो सकता है

क्या Bitcoin को मान्यता प्राप्त है

Bitcoins को  कुछ देशो द्वारा मान्यता प्राप्त है  जिन्होंने इसके ऊपर कुछ न कुछ व्यवस्थाएं बना रखी और कुछ देशो द्वारा इसपर कानून भी बना रखा है ! जापान में Bitcoin पर क़ानूनी बिल भी बना हुवा है  जिसमे 1 अप्रैल 2017 को Bitcoin को आधिकारिक रूप से मुद्रा के रूप में मान्यता दी है ! अमेरिका ने Virtual Currency के समन्ध में कानून और दिशा-निर्देश बना रखे है इसके लिए उसने एक सरकारी ख़जाना विभाग की एक साखा(branch) काम करती है जिसका नाम है ,वित्तीय अपराध बंधक नेटवर्क (Financial Crime Enforcement Network ) जो Virtual Currency के समंध में लोगो को दिशा निर्देश देता है और इसी के साथ New York State Department of Financial Services ने Virtual Currency में व्यापर और विनिमय करने वाली संस्थाओ के लिए License जारी करना आरंभ कर दिया गया है  यूरोपीय संग ने भी 1 जुलाई 2016 को एक bitcoin exchange Bitstump को सरकारी लाइसेंस देकर Virtual Currency के विनिमय को हरि झंडी दी है  फिलिप्पीन्स ने भी Bitcoins or Virtual currency को 6 march 2014 को क़ानूनी मान्यता दी है ! और Central Bank of Philippine  द्वारा परिपत्र 499 के तहत virtual Currency में विनिमय किया जाता है  ,सिंगापूर में Inland Revenue Authority of Singapore ( IRAS ) द्वारा Virtual Currency के रूप में दिशा निर्देश जारी किये गए है ! और इसके तहत सिंगापूर में IRAS Virtual Currency या Bitcoin को राजस्व के रूप में भी स्वीकार किया जाता है !

क्या Bitcoin भारत में वेध है ?

यह तो बात हुई World के उन Country की जहाँ Bitcoin को accept किया जाता है और  Transaction किया जाता है या उन्होंने Virtual Currency के लिए कुछ दिशा निर्देश बना रखे है ! पर क्या यह भारत में भी  Bitcoin वेध है ? इसके बारे में हम विस्तार से जानते है! सीधे तोर पर कहा जाये तो अभी तक भारत सरकार और RBI ने Virtual Currency के संबंध में कोई भी दिशा निर्देश नहीं दिए है ! और भारत सरकार और RBI ने तो इसके विनिमय को रोकने का एक असफल प्रयास किया है ! RBI ने Virtual Currency या Bitcoin के संबंध में कहा है की इसमें कोई भी एक Authorize Payment method नहीं है इसलिए इसको Approve नहीं किया जासकता है ! और इसमें नागरिको के साथ किसी भी प्रकार की fraud होने पर सरकार व् वित्तीय संस्थाए उसकी कोई भी Help नहीं कर सकती है ! इसलिए RBI ने इसके संबंध में नागरिको को खा है की वे इससे दूर रहे परन्तु क़ानूनू तोर पर RBI या सरकार के pass अभी तक यानि आज इस लेख केलिए जाने की date ३/५/2018 तक सरकार के पास कोई guide Line अथवा दिशा-निर्देश नहीं है  सरकार लोगों को Bitcoin में पैसा लगाने को लेकर आगाह करती रही थी. लोगों को अलर्ट करते हुए सरकार ने कहा था कि इस वर्चुअल करंसी को कोई आधिकारिक मान्यता नहीं है. वित्त मंत्रालय का कहना था कि ये फर्जी चिटफंड की तरह है और इसे सरकारी संस्था नहीं चलाती है. इसे चलाने का कोई मान्य तरीका भी नहीं है. लोगों के साथ fraud हो सकती है. इस तरह की currency में निवेश पर बहुध ही ज्यादा जोखिम होता है. इससे निवेशकों को अचानक भारी नुकसान हो सकता है और उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई पल भर में डूब सकती है. भारत सरकार के तत्कालीन वित् मंत्री /वित् सेवक , अरुण जेटली ने बिटकॉइन के संबंध में संसद में अपने बजट भाषण में कहा, ‘क्रिप्टो करंसियां वैध नहीं हैं और सरकार इनके प्रयोग को बढ़ावा नहीं देती. हालांकि सरकार ब्लॉकचेन (क्रिप्टो करंसी का समर्थन करने वाली एक डिजिटल तकनीक) के प्रयोग पर विचार करेगी

 

तो  इन सभी बातो से यह स्पस्ट होता है  की यह एक पूर्ण रूपसे स्वतंत्र Currency है इसका किसी भी Bank या Government पर इसका कोई नियंत्रण नहीं है यह Currency आपसी विश्वास  और सहमति के ऊपर चलती है किसी Bitcoin Currency के चलने का मूलकारण यही है की इस Currency पर एक Group विशेस के लोग मिलकर इस Currency में  लेन-देनकरते है और Transaction करते है bitcoin को भारत में किसी भी प्रकार की मान्यता नहीं है ! परन्तु इसको सरकार ने गैरकानूनी भी घोसित नहीं कर रखा है अतः bitcoin में पूरी तरह से लोग अपने risk पर पैसा लगा सकते है इसके इसके पुरे process को समझने के पश्चात

bitcoin को कैसे ख़रीदा जा सकता है ?

Bitcoin को Currency को दो तरीको से Hold किया जासकता है एक तो यह की आप Bitcoin mining करे और दूसरा यह की आप कोई  bitcoin holder organization को पैसे देकर उनसे ख़रीद सकते है और अपने उस bitcoin वॉलेट में bitcoin को रख सकते है ! पर यहाँ आप को बहुध ही सावधान रहने की आवस्य्क्ता होती है क्यों की आप की कम जानकारी के आभाव में आप के password को hake किया जासकता है आप किसी भी प्रकार की धोखे का शिकार हो सकते है और में इसमें अपनी व्यक्तिगत राय दू तो bitcoin ऐसे ही Person ख़रीदने या invest करने चाइये जिसको ज्यादा जोखिम उठाने की हिम्मत हो और जिसको 8-10 लाख जाने पर कोई फरक नहीं पड़ता हो

(नोट – यह लेख किसी भी प्रकार से bitcoin या Virtual Currency को समर्थन नहीं करता है इस लेख का मात्र उदेस्य bitcoin के बारे में जानकारी देना है यदि आप इस लेख से या bitcoin से प्रभावित होकर bitcoin में investment करते है तो इसके जिम्मेदार आप स्वयं है )

धन्यवाद
vishnu sharma

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

TCP और UDP Protocol क्या है|

दोस्तों TCP और UDP “TCP /IP Model” और “OSI Model” में यूज़ होने वाली एक Protocol है | यह TCP /IP Model में Host to Host Layers पर Work करती है | और OSI Model में यह Layer 4th यानि की Transport Layer पर Work करते है | TCP और UDP का पूरा Name Transmission Control Protocol और User datagram Protocol है इन दोनों Protocol को हम विस्तार से समझेंगे और इनके बीच के अंतर को जानेंगे TCP और UDP दोनों ही Protocol आज के समय में Popular है और दोनों ही Protocol के अपने-अपने Week और Strong point है | इसके अंतर को जानने के लिए इसकी कुछ Functionality में हम अंतर क सकते है | जैसे दोनों Protocol अपना Connection किस प्रकार से Set करती है दोनों ही Protocol की Data को Transfer करने की क्या Speed रहती है | यह Protocol कितनी Reliability पर work करती है | दोनों ही Protocol को यूज़ करने वाले Data Packet का Structure किस प्रकार होता है |

TCP (Transmission Control Protocol )

TCP Protocol एक Connection Oriented Protocol है |  Connection oriented से आशय data को Transfer करने से पूर्व यह Protocol Connection को पूरी तरह से Verify करता है की Receiver device से Connection establish हुवा है या नहीं  इस Process में Clint Server को एक request करता है जिसको Syn कहा जाता है| Response के तोर पर Server Client  को एक request करता है जिसको Syn acknowledgement  कहा जाता है ! !TCP Protocol में इस Functionality को Hand shaking

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TCP/IP model क्या है ! Internet के Work करने का Fundamental क्या है !

TCP/IP Model एक Open Standard network protocol है ! जिसका पूरा Name Transmission Control Protocol/Internet Protocol model दोस्तों मेने अपने पिछले Article में बात की थी ,की OSI model क्या है ! इसको क्यों बनाया गया और वर्तमान में इसका क्या उपयोग किया जाता है ! और यह क्यों एक Reference model के तोर पर जाना जाता है ! दोस्तों एक तरह से OSI Model और TCP /IP Model को काफी अच्छे से समझना एक तरह से Internet की Fundamental Working को ही समझना है इसी लिए इस लेख का नाम दिया गया है ! Internet के Work करने का Fundamental क्या है !   इस लेख में हम बात करते है की OSI Model और TCP IP Model में क्या Difference है ! परन्तु इससे पहले हम कुछ Short information जान लेते है TPC /IP model के बारेमें  TCP / IP Model को OSI model के दौरान ही अलग अलग Agency द्वारा Establish कर लिया गया था इसको संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा विभाग की एक एजेंसी, DARPA ने 1970 में इसे बनाया गया था   TCP/IP Model एक Guide line जारी करता है जिसको Same to same Followकरते हुए कम्पनिया अपने Computer Network Device और Network hardware बनाती है जिससे Different Different कम्पनियो के Computer network और Network Hardware आपस में Communicate कर सकते है !TCP /IP Model में 4 लेयर है ! 1st Application layer ,2nd Host to Host layer ,3rd Internet Layer ,4th is Network access layer दोस्तों TCP /IP Model की Working को याद रखने के लिए OSI model को पढ़ना बहुद ही आवश्य्क है क्यों की यह इसकी चारो Layers में वही Same to same Functionality होती है जो OSI model की 7 layers में होती TCP /IP अगर वास्तव में देखा जाये तो इसकी Working OSI model के समान ही है Only इसमें कुछ लेयर्स के को मिला कर दूसरा Name दे दिया गया है

TCP IP model

(Note- OSI Model की 7th Layers के बारे में पहलेसे ही एक Detail में Article लिखा जा चुका है उस Article को पढ़ने के लिए यह Click करे )

Network access layerदोस्तों हमने मेरे पिछले लेख OSI model में मेने OSI model की दोनों Layer 1st is Physical Layer and 2nd layer Data Link layer के बारे में बहुद ही Deep में पढ़ा है ! यहाँ TCP /IP Model में Network access Layer वही काम करती है जो OSI model में दोनों Layer मिलकर काम करती है ! यानि Physical addressing से लेकर Data को encapsulation करना इसमें सामिल होता है इसको हम कह सकते है की वो सभी Functionality जो OSI Model में Physical layer और Data link Layer के द्वारा की जाती है वो यहाँ TCP /IP Model में की जाती है

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OSI Model क्या है ? यह क्यों establish किया गया Present में इसका क्या उपयोग है ?

OSI Model का पूरा Name Open System interconnection है ! यहाँ Open System Interconnection से मतलब है की जो भी Network hardware Company अपना कोई भी hardware develop करेगी  जो Company OSI model को Follow करते हुए अपने Network Hardware Develop करेगी उनके Devices आपस में Connect हो सकेंगे ! OSI model आने से पहले जो भी Hardware Company जब कोई Hardware बनाती तो वो उसमे अपने द्वारा ही बनाये गए Network Standard और Protocol को यूज़ करते थे जिससे Only उसी Company के द्वारा बनाये गए Hardware Connect हो सकते थे और जब कोई IT Company अलग-अलग Wanders से Hardware ख़रीद लेती तो उसको आपस में Computer को interconnect करने में परेशानी होती थी इसी समस्या के Solution के लिए एक ऐसे Network Standard की आवस्य्क्ता महसूस हुई की वह किसी भी प्रकार के Hardware से Connect हो सके ! OSI Model को ISO( International standardized Organization )ने 1984 में Publish किया गया  जबकि इसको 1977 में establish कर लिया गया था  ISO ने एक कमेटी बनाई और उसको यह Responsibility दी गई की एक Open Standard Develop किया जाये और इसी कमेटी के Reference से 1984 में OSI Mobel को Approve किया गया  और जब से OSI model बना है तब से लेकर आजतक हर Company इसको Follow करते हुए अपनेComputer Network Hardware बना रही है ! यह एक Reference model है !इसके Reference को ध्यान में रखकर ही कम्पनिया अपने Device Develop करती रहेगी हालाँकि आज कल जो हम Network device या Computer को जो यूज़ करते है उनकी Working इसके ऊपर नहीं होती है ! हम जो आज Networking Device यूज़ करते है उनकी Working में TCP /IP Model यूज़ होता है ! OSI model के Reference से Network की Understanding बहुध ही अछि तरह से होती है   इस Model का उद्देस्य Network की traveling को समझना है ! अर्थात Network में data को एक Node से दूसरे Node तक जाने में किस तरह की यात्रा करनी पड़ती है ! हम अन्य सरल सब्दो में कह सकते है की OSI Model एक Complex Network task को 7 Parts में divide कर देता है जिसको समझने में बहुध ही आसानी होती है OSI Model में 7 Layers होती है ! जिसमे हर Layer का अपने आप में यूनिक work होता है जिसको यहाँ हम विस्तार से समझेंगे यह 7 layer  receiver से Sender की तरफ और Sender से Receiver की तरफ दोनों तरफ होती है

osi model in hindi

Classification of OSI Model

OSI Model के reference में Network की एक Complex task को 7 parts में divide किया जिसमे Network को आसानी से समझाजा सकता है इसलिए इसको Teaching model के नाम से भी जाना जाता है! osi model में 1st layer Physical Layer है 2nd Data link Layer, 3rd Layer Network layer ,4th Layer Transport layer ,5th session Layer ,6th Presentation Layer , 7th Application Layer है  इन 7 layers को OSI Stack भी कहते है ! इस Model को 2 parts में Divide किया गया है

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Cisco क्या है ? एक Cisco Certify Network Engineer या Administrator बनने का क्या Process है !

दोस्तों आप यदि Computer या IT Fields से है तो आपको Networking के बारे में जरूर थोड़ा या बहुद Knowledge होगा और यदि आप Computer  या IT Fields से नहीं है तो भी आपको यह लेख (tutorial) जरूर पढ़ना चाइये ताकि आप सायद कुछ नया जानपाए Networking  के बारे में और अपने Knowledge को बडा पाए ! दोस्तों Network की दुनिया में Cisco का एक बहुध ही बडा अहम role है ! Cisco Networking Fields की एक बहुद बडी अमरीका की Multinational Company है ! जो Networking में काम आने वाले बहुद ही उच्य कोटि के (High Level Hardware जिनमे Operating System होता है और Commands Interface से Configuration होता है ) Hardware Switch ,Router और Hub बनाती है और उनमे चलने वाले Operating system और Networking से Related Software बनाती है ! Cisco ने Network Engineering के Level के अनुसार Certificate  Level बना रखे है ! जिन Certificate  Level को  Clear करने के बाद  कोई भी अपना एक अच्छा Career बना सकता है Networking Fields में और इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है की अभी तक आपका Study background क्या रहा है! आप  Cisco के Certify course Level को pass करके एक Network Engineer बन सकते है यदि आपको Networking में रूचि है और आपको Networking सीखने का जनून है !  इससे पहले हम Network Engineering के बारे में कुछ विस्तार से जाने Cisco के बारे में कुछ बाते जान लेते है what is Cisco in hindi

Cisco World  की एक बड़ी network Company है इसका headquarter San Jose, California America में है ! यह Company High Networking hardware और Telecommunications Equipment बनती है ! Cisco के साथ कही सहायक कम्पनिया मिली हुई है जैसे -OpenDNS ,WebEx ,Cisco Jasper जिनकी IT market में अपने आप में Unic Service औरी identity है ! इसकी वजह से Technology के market मेंCisco की एक अलग ही पहचान है Cisco Company की स्थापना 1984 में (Leonard Bosack)लियोनार्ड बोसैक और(Sandy Lerner) सैंडी लर्नर द्वारा की गई थी, यह दोनों (Stanford University)स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के कंप्यूटर वैज्ञानिक और Husband Wife थे |

About Cisco Certification

Cisco ने अपने द्वारा बनाये गए Networking Hardware को Operate करने के लिए अनेक Certification level बना रखे है ! और इसमें More Then 50 -60 तरह के Certification जारी किये जाते है  जिनसे अलग-अलग तरह के Network Administrator बनते है !

Networking Level

Network Engineer बनने का क्या Process है |

एक Network Administrator बनने के लिए आप को Networking की सबसे बुनियादी बाते जानना आवश्य्क होती है जैसे Network Topology Types of Network LAN , (Local aria Network ) MAN (MetroPoli Aria Network ) WAN (Word Aria network ) PAN (Personal Aria Network ) SAN ( Storage Aria network ) CAN Continue reading

Kali Linux क्या है ,और इसकी History किस प्रकार की है ? और इसका इस्तमाल किसमे किया जाता है ?

हेल्लो दोस्तों आज हम काली Linux के बारे में कुछ बाते जानेगे की Kali Linux क्या है और इसका इस्तमाल किस प्रकार के लोग करते है ! और वो लोग इसका इस्तमाल क्यों करते है ! दोस्तों बहुद से लोगो में यह एक हउवा – अफवाह (Rumor ) बना हुवा है की काली Linux से बहुद ही जबरदस्त तरिके से Hacking की जाती है इससे Facebook ,Whats App और किसी भी प्रकार की Website को Hack किया जा सकता है !  परन्तु दोस्तों Reality में ऐसा कुछ नहीं होता है ! Reality इससे कुछ हट कर अलग ही होती है!  अगर यह सभी बाते सच होती जैसी hacking Hollywood ,Movies और Bollywood Movies में दिखाई जाती है तो हम हमारे दैनिक जीवन को कभी इतना Digital नहीं बना पाते पर दोस्तों reality तो यही है की Movies में Hacking  को जिस तरह से दिखाया जाता है  उससे कुछ लोगो की hacking के प्रति अपनी मानसिकता ही बदल जाती है और बहुध से लोग तो hacking सीखना भी इसी उदेस्य से  होता है  की वो Facebook या और कोई Social media ,website Hack करना सिख जाये ! जिन लोगो के Social account hack होते है वो उनकी लापरवाही और खुद की कमी की वजह से होते है ! कोई भी बंदा या hacker आप की  Social ID पर किसी भी Tools या Trick से आप का Account Hack नहीं कर सकता है और अगर कोई ऐसा बोलता है की में किसी का भी Facebook ID Gmail Hack कर सकता हु तो वह व्यक्ति   100 % गलत बोलता है  और अगर वो किसी का Account open करके दिखता है तो यह बात पक्का है की उस ने यह Password Victim (हैकिंग का शिकार व्यक्ति )से धोखे से लिए है ! और जिस Person- से यह हुवा है उसकी लापरवाही और नासमझी की वजह से यह धोका हुवा है !  में यहाँ यह नहीं बोलता की Hacking नहीं होती Hacking होती जरूर है ! पर Hollywood और Bollywood movies की तरह तो बिल-कुल नहीं होती है ! क्यों की अगर वास्तव में Hacking उस तरह की होती तो आज जो हम हमारे दैनिक जीवन में जो सुविधा Digital Network के माध्यम से लेते है उतनी अछि तरह से लेना काफी मुश्किल होता ! तो दोस्तों हम मुद्दे की बात पर आते है और आगे बढ़ते है

Kali Linux क्या है ?

Kali Linux एक Debian Basd Free Open source  Operating system है ! जैसे की Windows Operating system है Windows .EXE Based Operating system  है  परन्तु यह free नहीं है Windows Microsoft का Product है ! काली Linux के अंदर कुछ ऐसे in build Tools आते है जिनका Use किसी System,Server या Website की Security को Test करने के लिए किया जाता है !

इसका use  Penetration testing  और information gathering में किया जाता है | इसके द्वारा target Network के ऊपर Loop holes Vulnerability और उस नेटवर्क की सभी प्रकार की कमजोरी को ढूंढा जाता है जिस से उसको खतरा होता है और यह target Network कोई भी हो सकता है ! पर यह निर्भर उस व्यक्ति के लिए करता है की वह उसके ऊपर Testing के लिए काम कर रहा है या Hacking के लिए फिर भी इरादा चाये कुछ भी हो इस प्रकार के काम में कहि प्रकार के Software और Tools की जरूरत पड़ती है !  यह आवश्य्क नहीं है की penetration testing में only kali linux का use किया जाता है यह काम दूसरे Operating system के द्वारा भी किया जा सकता है परन्तुkali linux in hindi

उसमे वह Tools external install करने पड़ेंगे परन्तु penetration testingमें  काम में आने वाले tools kali Linux में in build tools आते है जिस से यह काम थोड़ा सरल हो जाता है ! और दोस्तों जहाँ Hacking की बात आती है ! हर चीज के दो पहलू होते है  Whitehat Hackers  इसकी मद्त से किसी भी प्रकार की  Website or System में कमजोरी -भेद्यता ( Vulnerability )  ढूंढ ते है और उनको सही  करदेते है ! और BlackHet hackers इनका फायदा उठा कर गलत काम करते है !  kali linux Security tester या कहे तो एक Ethical hacker के काम को थोड़ा आसान बना देता है क्यों की जब एक Security Expert security को Test करने का काम Kali linux के आलावा किसी और Operating System पर करेगा तो उसको उस Particular task को Perform करने के लिए अलग से बहुद सारी Coding और Commands रन करनी पड़ेगी तो उसको इस काम को करने में काफी वक्त जाया करना पड़ेगा और अगर यहाँ वो kali linux को Use करता है तो उसको यह सभी Tools बने बनाये मिल जाते है और कम वक्त में वो ज्यादा काम कर सकता है  ! इसी लिए यह hacker और सिक्योरिटी Expert लोगो का Kali Linux Favorite Operating System होता है ?

History of kali Linux  

Kali linux को Offensive Security Ltd. Company ने बनाया है इसके मुख्य Developer mati Aharoni, Devon Kearns और Raphaël Hertzog रहे है जिन्होंने इस Project को बनाने में अपना बहुद ही अहम योगदान दिया है ! और आज भी Offensive Security Ltd Kali Linux पर निरंतर काम कर रही है और इसमें Feature और tools जोड़ रही है ! Offensive Security Ltd. Company एक Security Company है जो Security से related tools बनती है और अपनी अनेक प्रकार की Security से समबन्दित सेवाएं देती है  ! kali Linux के invention के वक्त इसका Name kali linux नहीं था  इसका name  Back Track था जो 2013 में बदल कर एक New version के साथ Kali linux कर दिया गया  समय के साथ साथ जैसे जैसे BackTrack  या Kali linux को update किया गया इसमें बहुद से tools जोड़े गए और इसकी Performance को अच्छा किया गया आज काली Linux Security testing के साथ साथ उतना ही सक्षम (Capable ) है जितना की कोई और Debian based Operating system

kali linux in hindi

Kali Linux के Version कुछ इस प्रकार से रहे है ?

May 25th 2006  BackTrack 1.0 Released
March 6th 2007   BackTrack 2.0 Released
June 19th 2008    BackTrack 3.0 Released
January 9th 2010  BackTrack 4.0 Released
May 10th 2011      BackTrack 5.0 Released
August 13th 2012    BackTrack 5.0 R3 Released
March 13th 2013     Kali Linux 1.0 Released

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धन्यवाद
लेखक – विष्णु शर्मा