TCP/IP model क्या है ! Internet के Work करने का Fundamental क्या है !

TCP/IP Model एक Open Standard network protocol है ! जिसका पूरा Name Transmission Control Protocol/Internet Protocol model दोस्तों मेने अपने पिछले Article में बात की थी ,की OSI model क्या है ! इसको क्यों बनाया गया और वर्तमान में इसका क्या उपयोग किया जाता है ! और यह क्यों एक Reference model के तोर पर जाना जाता है ! दोस्तों एक तरह से OSI Model और TCP /IP Model को काफी अच्छे से समझना एक तरह से Internet की Fundamental Working को ही समझना है इसी लिए इस लेख का नाम दिया गया है ! Internet के Work करने का Fundamental क्या है !   इस लेख में हम बात करते है की OSI Model और TCP IP Model में क्या Difference है ! परन्तु इससे पहले हम कुछ Short information जान लेते है TPC /IP model के बारेमें  TCP / IP Model को OSI model के दौरान ही अलग अलग Agency द्वारा Establish कर लिया गया था इसको संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा विभाग की एक एजेंसी, DARPA ने 1970 में इसे बनाया गया था   TCP/IP Model एक Guide line जारी करता है जिसको Same to same Followकरते हुए कम्पनिया अपने Computer Network Device और Network hardware बनाती है जिससे Different Different कम्पनियो के Computer network और Network Hardware आपस में Communicate कर सकते है !TCP /IP Model में 4 लेयर है ! 1st Application layer ,2nd Host to Host layer ,3rd Internet Layer ,4th is Network access layer दोस्तों TCP /IP Model की Working को याद रखने के लिए OSI model को पढ़ना बहुद ही आवश्य्क है क्यों की यह इसकी चारो Layers में वही Same to same Functionality होती है जो OSI model की 7 layers में होती TCP /IP अगर वास्तव में देखा जाये तो इसकी Working OSI model के समान ही है Only इसमें कुछ लेयर्स के को मिला कर दूसरा Name दे दिया गया है

TCP IP model

(Note- OSI Model की 7th Layers के बारे में पहलेसे ही एक Detail में Article लिखा जा चुका है उस Article को पढ़ने के लिए यह Click करे )

Network access layerदोस्तों हमने मेरे पिछले लेख OSI model में मेने OSI model की दोनों Layer 1st is Physical Layer and 2nd layer Data Link layer के बारे में बहुद ही Deep में पढ़ा है ! यहाँ TCP /IP Model में Network access Layer वही काम करती है जो OSI model में दोनों Layer मिलकर काम करती है ! यानि Physical addressing से लेकर Data को encapsulation करना इसमें सामिल होता है इसको हम कह सकते है की वो सभी Functionality जो OSI Model में Physical layer और Data link Layer के द्वारा की जाती है वो यहाँ TCP /IP Model में की जाती है

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OSI Model क्या है ? यह क्यों establish किया गया Present में इसका क्या उपयोग है ?

OSI Model का पूरा Name Open System interconnection है ! यहाँ Open System Interconnection से मतलब है की जो भी Network hardware Company अपना कोई भी hardware develop करेगी  जो Company OSI model को Follow करते हुए अपने Network Hardware Develop करेगी उनके Devices आपस में Connect हो सकेंगे ! OSI model आने से पहले जो भी Hardware Company जब कोई Hardware बनाती तो वो उसमे अपने द्वारा ही बनाये गए Network Standard और Protocol को यूज़ करते थे जिससे Only उसी Company के द्वारा बनाये गए Hardware Connect हो सकते थे और जब कोई IT Company अलग-अलग Wanders से Hardware ख़रीद लेती तो उसको आपस में Computer को interconnect करने में परेशानी होती थी इसी समस्या के Solution के लिए एक ऐसे Network Standard की आवस्य्क्ता महसूस हुई की वह किसी भी प्रकार के Hardware से Connect हो सके ! OSI Model को ISO( International standardized Organization )ने 1984 में Publish किया गया  जबकि इसको 1977 में establish कर लिया गया था  ISO ने एक कमेटी बनाई और उसको यह Responsibility दी गई की एक Open Standard Develop किया जाये और इसी कमेटी के Reference से 1984 में OSI Mobel को Approve किया गया  और जब से OSI model बना है तब से लेकर आजतक हर Company इसको Follow करते हुए अपनेComputer Network Hardware बना रही है ! यह एक Reference model है !इसके Reference को ध्यान में रखकर ही कम्पनिया अपने Device Develop करती रहेगी हालाँकि आज कल जो हम Network device या Computer को जो यूज़ करते है उनकी Working इसके ऊपर नहीं होती है ! हम जो आज Networking Device यूज़ करते है उनकी Working में TCP /IP Model यूज़ होता है ! OSI model के Reference से Network की Understanding बहुध ही अछि तरह से होती है   इस Model का उद्देस्य Network की traveling को समझना है ! अर्थात Network में data को एक Node से दूसरे Node तक जाने में किस तरह की यात्रा करनी पड़ती है ! हम अन्य सरल सब्दो में कह सकते है की OSI Model एक Complex Network task को 7 Parts में divide कर देता है जिसको समझने में बहुध ही आसानी होती है OSI Model में 7 Layers होती है ! जिसमे हर Layer का अपने आप में यूनिक work होता है जिसको यहाँ हम विस्तार से समझेंगे यह 7 layer  receiver से Sender की तरफ और Sender से Receiver की तरफ दोनों तरफ होती है

osi model in hindi

Classification of OSI Model

OSI Model के reference में Network की एक Complex task को 7 parts में divide किया जिसमे Network को आसानी से समझाजा सकता है इसलिए इसको Teaching model के नाम से भी जाना जाता है! osi model में 1st layer Physical Layer है 2nd Data link Layer, 3rd Layer Network layer ,4th Layer Transport layer ,5th session Layer ,6th Presentation Layer , 7th Application Layer है  इन 7 layers को OSI Stack भी कहते है ! इस Model को 2 parts में Divide किया गया है

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