Kali Linux क्या है ,और इसकी History किस प्रकार की है ? और इसका इस्तमाल किसमे किया जाता है ?

हेल्लो दोस्तों आज हम काली Linux के बारे में कुछ बाते जानेगे की Kali Linux क्या है और इसका इस्तमाल किस प्रकार के लोग करते है ! और वो लोग इसका इस्तमाल क्यों करते है ! दोस्तों बहुद से लोगो में यह एक हउवा – अफवाह (Rumor ) बना हुवा है की काली Linux से बहुद ही जबरदस्त तरिके से Hacking की जाती है इससे Facebook ,Whats App और किसी भी प्रकार की Website को Hack किया जा सकता है !  परन्तु दोस्तों Reality में ऐसा कुछ नहीं होता है ! Reality इससे कुछ हट कर अलग ही होती है!  अगर यह सभी बाते सच होती जैसी hacking Hollywood ,Movies और Bollywood Movies में दिखाई जाती है तो हम हमारे दैनिक जीवन को कभी इतना Digital नहीं बना पाते पर दोस्तों reality तो यही है की Movies में Hacking  को जिस तरह से दिखाया जाता है  उससे कुछ लोगो की hacking के प्रति अपनी मानसिकता ही बदल जाती है और बहुध से लोग तो hacking सीखना भी इसी उदेस्य से  होता है  की वो Facebook या और कोई Social media ,website Hack करना सिख जाये ! जिन लोगो के Social account hack होते है वो उनकी लापरवाही और खुद की कमी की वजह से होते है ! कोई भी बंदा या hacker आप की  Social ID पर किसी भी Tools या Trick से आप का Account Hack नहीं कर सकता है और अगर कोई ऐसा बोलता है की में किसी का भी Facebook ID Gmail Hack कर सकता हु तो वह व्यक्ति   100 % गलत बोलता है  और अगर वो किसी का Account open करके दिखता है तो यह बात पक्का है की उस ने यह Password Victim (हैकिंग का शिकार व्यक्ति )से धोखे से लिए है ! और जिस Person- से यह हुवा है उसकी लापरवाही और नासमझी की वजह से यह धोका हुवा है !  में यहाँ यह नहीं बोलता की Hacking नहीं होती Hacking होती जरूर है ! पर Hollywood और Bollywood movies की तरह तो बिल-कुल नहीं होती है ! क्यों की अगर वास्तव में Hacking उस तरह की होती तो आज जो हम हमारे दैनिक जीवन में जो सुविधा Digital Network के माध्यम से लेते है उतनी अछि तरह से लेना काफी मुश्किल होता ! तो दोस्तों हम मुद्दे की बात पर आते है और आगे बढ़ते है

Kali Linux क्या है ?

Kali Linux एक Debian Basd Free Open source  Operating system है ! जैसे की Windows Operating system है Windows .EXE Based Operating system  है  परन्तु यह free नहीं है Windows Microsoft का Product है ! काली Linux के अंदर कुछ ऐसे in build Tools आते है जिनका Use किसी System,Server या Website की Security को Test करने के लिए किया जाता है !

इसका use  Penetration testing  और information gathering में किया जाता है | इसके द्वारा target Network के ऊपर Loop holes Vulnerability और उस नेटवर्क की सभी प्रकार की कमजोरी को ढूंढा जाता है जिस से उसको खतरा होता है और यह target Network कोई भी हो सकता है ! पर यह निर्भर उस व्यक्ति के लिए करता है की वह उसके ऊपर Testing के लिए काम कर रहा है या Hacking के लिए फिर भी इरादा चाये कुछ भी हो इस प्रकार के काम में कहि प्रकार के Software और Tools की जरूरत पड़ती है !  यह आवश्य्क नहीं है की penetration testing में only kali linux का use किया जाता है यह काम दूसरे Operating system के द्वारा भी किया जा सकता है परन्तुkali linux in hindi

उसमे वह Tools external install करने पड़ेंगे परन्तु penetration testingमें  काम में आने वाले tools kali Linux में in build tools आते है जिस से यह काम थोड़ा सरल हो जाता है ! और दोस्तों जहाँ Hacking की बात आती है ! हर चीज के दो पहलू होते है  Whitehat Hackers  इसकी मद्त से किसी भी प्रकार की  Website or System में कमजोरी -भेद्यता ( Vulnerability )  ढूंढ ते है और उनको सही  करदेते है ! और BlackHet hackers इनका फायदा उठा कर गलत काम करते है !  kali linux Security tester या कहे तो एक Ethical hacker के काम को थोड़ा आसान बना देता है क्यों की जब एक Security Expert security को Test करने का काम Kali linux के आलावा किसी और Operating System पर करेगा तो उसको उस Particular task को Perform करने के लिए अलग से बहुद सारी Coding और Commands रन करनी पड़ेगी तो उसको इस काम को करने में काफी वक्त जाया करना पड़ेगा और अगर यहाँ वो kali linux को Use करता है तो उसको यह सभी Tools बने बनाये मिल जाते है और कम वक्त में वो ज्यादा काम कर सकता है  ! इसी लिए यह hacker और सिक्योरिटी Expert लोगो का Kali Linux Favorite Operating System होता है ?

History of kali Linux  

Kali linux को Offensive Security Ltd. Company ने बनाया है इसके मुख्य Developer mati Aharoni, Devon Kearns और Raphaël Hertzog रहे है जिन्होंने इस Project को बनाने में अपना बहुद ही अहम योगदान दिया है ! और आज भी Offensive Security Ltd Kali Linux पर निरंतर काम कर रही है और इसमें Feature और tools जोड़ रही है ! Offensive Security Ltd. Company एक Security Company है जो Security से related tools बनती है और अपनी अनेक प्रकार की Security से समबन्दित सेवाएं देती है  ! kali Linux के invention के वक्त इसका Name kali linux नहीं था  इसका name  Back Track था जो 2013 में बदल कर एक New version के साथ Kali linux कर दिया गया  समय के साथ साथ जैसे जैसे BackTrack  या Kali linux को update किया गया इसमें बहुद से tools जोड़े गए और इसकी Performance को अच्छा किया गया आज काली Linux Security testing के साथ साथ उतना ही सक्षम (Capable ) है जितना की कोई और Debian based Operating system

kali linux in hindi

Kali Linux के Version कुछ इस प्रकार से रहे है ?

May 25th 2006  BackTrack 1.0 Released
March 6th 2007   BackTrack 2.0 Released
June 19th 2008    BackTrack 3.0 Released
January 9th 2010  BackTrack 4.0 Released
May 10th 2011      BackTrack 5.0 Released
August 13th 2012    BackTrack 5.0 R3 Released
March 13th 2013     Kali Linux 1.0 Released

दोस्तों आप को hindiitsolution के द्वारा दी गहि जानकरी ज्ञानपर्द और Knowledge वाली लगी हो तो like करे share करे और hindiiitsolution को Follow करे या आप का Linux के बारे में कोई भी सवाल हो तो निचे Comments करे और आप इस website पर new है और Linux के बारे में रूचि रखते है तो आप को यहाँ Linux से समबन्दित hindi में कहि सरल post मिल जाये गी जिसकी सहायता है आप Linux का अपना Knowledge बढ़ा सकते है
धन्यवाद
लेखक – विष्णु शर्मा

 

 

FireWall क्या है ? RedHat Linux server में Firewall को कैसे Configure किया जाता है !

Hello दोस्तों आज के इस लेख में हम जानते है और सीखते है ! की Firewall क्या होता है और Firewall में Security को किस तरह से Configure किया जाता है ! फ़ायरवॉल Computer System का एक ऐसा कवच है जो Internet की दुनिया से Computer के Connect होते ही बाहर के unwanted Network के Interface से Security करता है !

इस लेख के अध्ययन के बाद जान पाएंगे की —

  1. Firewall क्या है !
  2. Firewall की आवस्य्क्ता हमे क्यों पड़ती है !
  3. Firewall हमारे Computer system को किस प्रकार से सेक्यूर बनाता है !
  4. Server operating system के Firewall और Desktop operating system के Firewall में क्या अंतर् है !
  5. Linux Server में Firewall का Configuration किस प्रकार से किया जाता है!
  6. Linux सर्वर में Firewall का Structure किस प्रकार का होता है !
  7. Firewall में IP Address को किस प्रकार से Block किया जाता है !

iptables

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Programming Language में Identifiers क्या होते है ?

 (identifiers) आइडेंटिफायर – इसका अर्थ Variable, array ,Function के नाम से होता है identifiers – को हम बहुद ही सरल सब्दो में समझने का प्रयास करते है जब हम किसी भी programming language में कोई भी program develop करते है तो हमे Programming की Coding के माद्यम से Computer memory में Data या निर्देश को input करने की आवश्य्कता होती है जो Computer memory की Location में Store होता है और Computer की Memory में हर Location का एक Unique address होता है और जब हम Programming language के माद्यम से Coding करते है तो वह data Computer की Memory में कही न कही जाकर Store हो जाता है Computer memory में यह data कहाँ जाकर store होता है यह हमारे लिए पता लगना मुश्किल होता है यह काम Operating system के द्वारा अपने आप कीया जाता है परन्तु identifies के माद्यम से हम उस memory location को एक कोई भी Name assign कर सकते है  परन्तु इन मेमोरी location का Name assign करने के लिए हमे कुछ नियमो को ध्यान में रखना पड़ता है क्यों की Programming language Compiler इसके साथ कही प्रकार के operation perform करता है वो नियम कुछ इस प्रकार है जो लग-भग सभी Programming Language पर लागु होते है

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Computer Programming Language को कैसे सीखा जासकता है ?

दोस्तों आज के इस लेख में हम Computer Programming Language की कुछ मुलभुत और छोटी बातो पर चर्चा करेंगे और जानेंगे की किसी भी Programming Language को सीखने के लिए क्या क्या जरूरी चीजे होती है जिनपर Focus कर के Programming language को आसानी से सीखा जासकता है ! चाहें फिर वो कोई भी कोई भी Programming Language हो उनके ऊपर हम बड़ी आसानी से पकड़ बना सकते है ! दस्तो हम जब हम वास्तविकता भी कोई new language सीखते है तो  हम लोगो को बोलते हुए देख कर बोलना सीखजाते है   या अपने आस पास जब दूसरी भाषा के लोग होते है वहाँ का वातावरण ऐसा बन जाता है की हम उनको देख देख कर बोलना सिख जाते है परन्तु हम उस भाषा को लिखना नहीं सिख पाते है कयोकि हमे उसके लिए उस भाषा का व्याकरण ज्ञान होना आवश्य्क है  ठीक उसी तरह हमे Programming language की Grammar का ज्ञान होना आवश्य्क है दोस्तों यहाँ सबसे अछि बात यह है की सभी Programming language की Grammar एक जैसी होती है  यहाँ Programming Language की Grammar से आशय यह है की प्रोग्राम के किस भाग को किसी शब्द विषेस को क्या बोलै जाता है और उसका यूज़ वही क्यों किया जाता है यह सीखना है  अगर आप program में लिखे हर एक शब्द Word को समझना चाहते है तो आपको उसके Grammar की शब्दावली को समझना होगा जोकि सभी Programming Language में एक जैसी होती है  सभी Programming language में हर एक Statement का कुछ न कुछ मतलब होता है और हर एक Statement या block में लिखे गए Word का नाम होता है उन सभी Statement को हम यहाँ विस्तार से समझने का प्रयास करेंगे

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C Programming क्या है ? और क्यों ठीक से C Programming सीखना आवश्य्क है

हेल्लो दोस्तों आज के इस लेख में हम यह जानते है की C Programming क्या है और क्यों ठीक से C programming सीखना हमारे लिए आवश्य्क होता है दोस्तों C Programming एक Machine programming language है जिसमे Computer या किसी भी machine के लिए Program लिख कर उसको operate किया जा सकता है C programming का आविष्कार 1972 में Bell Laboratories में डेनिस रिची और उसकी Team ने किया था ! C Programming से पहले Computer में Assembly Language में program लिखा जाता था परन्तु इस लैंग्वेज की एक खामी यह थी की Assembly Language में लिखा गया Program उसी Computer पे चलता था जिस पर वो लिखा गया है यानि वो Program दूसरे Computer पर Use नहीं हो सकता था इस समस्या के निवारण के लिए एक ऐसी Language की जरूरत महसूस हुई की वह Platform Independent हो यानि वह किसी भी Computer और Machine पर run हो सके तो इस जरूरत को देख़ते हुए 1960 में केम्ब्रिज युनिवेर्सिटी ने एक ऐसी Programming language का अविष्कार किया जो Platform Independent थी जिसको BCPL (BASIC COMBINED PROGRAMMING LANGUAGE) नाम दिया गया इसके बाद भी इसमें कुछ खामिया थी जिसको 1970 में केन थॉम्पसन ने सही किया इसके बाद इसको B language के नाम से जाना जाने लगा और अन्तत डेनिस रिची ने इसमें काफी कुछ सुधार कर एक Powerful Programming Language बनाई जिसको आज C Language के Name से जाना जाता है

C programming की विशेषता  

  1. C Programming language एक ऐसी Programming language है जिसमे System Software और Application Software दोनों प्रकार के Software बनाये जाते है
  2. कुछ बहुध ही मह्त्वपूण System व् Application Software C में ही Develop किये गए है जैसे windows Linux unix , PHP admin Apache Server MYSQL Data base Networking devise Operating system आदि
  3.  C Language में बनाये गए program Direct Hard ware के साथ भी Deal कर सकते है यानि इसमें बनाये गए Program में किसी Hard Ware की Memory CPU Processor को Directly Assess किया जा सकता है
  4. C Language के Code को सीखना बहुध ही सरल है क्यों की यह Simple English Language में होते है
  5. ज्य्दातर Games ,Video editing software animation Software और Program c language में बनाये जाते है क्यों C program की कार्य करने की गति अन्य Programing Language से काफी तेज होती है
  6. C Programming Direct Hard ware से deal करती है तो इसमें ऐसे खतरनाक Virus भी बनाये जा सकते है जो किसी Devise को हमेसा के लिए सुला दे
  7. यह एक Compiler language है जैसा की हम जानते है की Computer only 0 1 Binary language ही समझता है तो C language में लिखे गए Program को Compile करने की आवश्य्कता पड़ती है compiler C program को machine language o 1 की फॉर्म में Convert कर देता है

C के Compiler के नाम  आप यहाँ से इनको Download भी कर सकते है

Windows platform के लिए Free Compiler

Pelles C ,   lcc-win , TDM-GCC Tiny C Compiler(TCC) , MinGW , Cygwin  , DJGPP 

C Language के लिए   IDE WINDOWS LINUX MAC 

Codeblocks –

Eclipse –

Eclipse CDT –

Netbeans IDE

Editors Linux के लिए

Sublimetext –

Ultraedit –

Geany –

Editors Windows के लिए

Sublimetext –

Notepad++ –

Ultraedit –

Geany –

Editors Mac OS के लिए

Sublimetext –

Ultraedit – 

यहाँ कुछ ऐसी web Site के Link दिए गए है जहाँ आप अपने Program को Online भी run और Compile करा सकते है 

codepad –

compilr.com –

Cloud9 IDE –

क्यों ठीक से सीखना जरूरी है C language 

दोस्तों ऊपर लिखी सभी विशेषता को देखा जाये तो C language आज के आधुनिक युग में भी एक बहुध Power full Language है आज के युग में जहाँ Market में अनेक नई Programming लैंग्वेज का अविष्कार हो रहा है और कुछ Language Programming चलन से बाहर होती जार ही है परन्तु C language वही अपने स्थान पर है C language को लग-भग हर डिग्री Level पर पढाया जाता है B .tec ,BCA MCA या O Level B Level A level इत्यादि और अगर हम C language सिख लेते है तो अन्य किसी भी Programming level को सीखना काफी आसान होता है क्यों की सभी Language के Key word सिन्टेक्स C Language से ही मिलते जुलते है

दोस्तों आगे की Post में हम C language के Program को बनाना Compile करना RUN करना इसके बारे में हम सीखेंगे

दोस्तों अगर आप को हिंदी आईटी सलूशन द्वरा दिगई Trips ज्ञान प्रद और Knowledge वाली लगी हो तो Share करे like करे और हिंदी आईटी डॉट कॉम को Follow करे Follow करने के बाद हिंदी आईटी सलूशन डॉट कॉम जब भी कोई knowledge वाली post या Tutorial publish करेगा आप को Notification अपने email पर मिल जाएगी इस website पर आप Linux से Related बहुद सी post है जो सरल हिंदी भाषा में है जिस से आप Linux में निपुर्ण हो सकते है अगर आप को हिंदी आईटी सलूशन द्वारा पब्लिश किये गए किसी भी Trick या Tutorial का Piratical process में कोई Problem आती है तो Comments करे हिंदी आईटी सलूशन द्वारा आपकी समस्या का समाधान किया जाये गा

धन्यवाद
लेखक -विष्णु शर्मा

 

 

RedHat Linux Server में Website Apache को Secure कैसे बनाएं

हेलो दोस्तों आज के इस लेख में हम सीखते है की RedHat Linux Server में Website को कैसे Security provide कराई जा सकती है और हम किस -किस प्रकार की Security Hosting के दौरान कर सकते है परन्तु इससे पहले हमे यह जानना होगा की लिनक्स में हम Apache Server कैसे Configure कर सकते है और कैसे Apache Server पर Website को कैसे Host कर सकते है यह जानने के लिए आप इस Link पर click करके देख सकते है

तो दोस्तों यहाँ में यह मानकर चलता हु की आप ने अपनी Linux मशीन में Apache Server Configure कर लिया है और कैसे किसी Website या Web page को Apache Server पर host किया जा सकता है और आपको थड़ी बहुद Hosting के बारे में जाकारी है

इस लेख में आप जानेगे—

Website को Password protract कैसे बनाये ?

Server की Information को Hide करना

Port को Customize करना

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